प्रोटीन, फाइबर और सेहत से भरपूर मटर

टर हमारे यहां खूब खाई जाती है। और अब वैज्ञानिक इसके फायदों के बारे में बता रहे हैं। मटर सस्ती, आसानी से उपलब्ध, लंबे समय टिकने योग्य और पोषक तत्वों से भरपूर है। नियमित रूप से खाएं तो यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

मटर की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रोटीन है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मज़बूत रखने, रोगों से लड़ने, शरीर की मरम्मत करने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करते हैं। दाल या चने जितना तो नहीं, लेकिन मटर कई दूसरी सब्ज़ियों से अधिक प्रोटीन देती है। पकी हुई हरी मटर में भी और सूखी मटर में भी काफी प्रोटीन होता है।

मटर में शरीर के लिए ज़रूरी सभी महत्वपूर्ण अमीनो एसिड पाए जाते हैं। हालांकि, इसमें मेथियोनीन नाम का एक अमीनो एसिड कम होता है, इसलिए सिर्फ मटर को ही प्रोटीन का मुख्य स्रोत नहीं माना जाता। लेकिन अलग-अलग तरह का खाना खाएं, तो यह बड़ी समस्या नहीं है।

मटर की एक और बड़ी खासियत इसका फाइबर (रेशा पदार्थ) है। बहुत से लोग पर्याप्त फाइबर नहीं खा पाते, जबकि यह पाचन और शरीर की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। फाइबर भोजन को पाचन तंत्र में सही तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करता है, जिससे कब्ज़ की समस्या कम होती है।

मटर का फाइबर खास तौर पर फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें दोनों तरह के फाइबर पाए जाते हैं – घुलनशील और अघुलनशील। अघुलनशील फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और मल को सही तरीके से बाहर निकालने में मदद करता है। वहीं घुलनशील फाइबर पानी में घुलकर जेल जैसा बन जाता है, जिससे खाना धीरे-धीरे पचता है। इससे ब्लड शुगर नियंत्रित रखने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिल सकती है।

वैज्ञानिक मटर में इसलिए भी रुचि ले रहे हैं क्योंकि यह पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को फायदा पहुंचाती है। इसमें ऐसे फाइबर होते हैं जो अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं और ये स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि अब ऐसे खाद्य पदार्थों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं।

मटर आयरन का भी अच्छा स्रोत है। आयरन की कमी दुनिया में सबसे आम पोषण समस्याओं में से एक है, खासकर महिलाओं में। मटर में गाजर और शिमला मिर्च जैसी कई सब्ज़ियों से अधिक आयरन होता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि हरी मटर का एक अतिरिक्त फायदा यह भी है कि इसमें फाइटिक एसिड कम होता है। यह पदार्थ शरीर में आयरन के अवशोषण को कम करता है। हरी मटर में आयरन और फाइटिक एसिड का संतुलन बेहतर होता है, और शरीर इसमें मौजूद आयरन का आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।

प्रोटीन, फाइबर और आयरन के अलावा मटर में पॉलीफिनॉल और फ्लेवोनॉयड जैसे पदार्थ भी होते हैं। ये शरीर में शोथ कम करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। फ्लेवोनॉयड प्रचुर खाद्य पदार्थ दिल की सेहत बेहतर रखने, रक्त शर्करा नियंत्रित रखने और कुछ गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।

पोषण के अलावा मटर की एक बड़ी खासियत यह भी है कि यह सस्ती और इस्तेमाल में आसान होती है। इसे ज़रूरत के हिसाब से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पकाया जा सकता है, इसलिए खाने की बर्बादी भी कम होती है।

मटर को खाने में शामिल करना आसान है और इसे बच्चों से लेकर बड़े तक सब पसंद करते हैं। और अब तो इसके फायदे पोषण विशेषज्ञ भी गिना रहे हैं। तो देरी किस बात की। (स्रोत फीचर्स)

नोट: स्रोत में छपे लेखों के विचार लेखकों के हैं। एकलव्य का इनसे सहमत होना आवश्यक नहीं है।
Photo Credit: https://as1.ftcdn.net/v2/jpg/00/31/82/86/1000_F_31828600_XcPvT6I3oUn4M8KPdaI54tD1J7nczYkN.jpg

प्रातिक्रिया दे