
एक ज़माना था जब पृथ्वी पर डायनासौर का वर्चस्व था। सरीसृप (reptile) की श्रेणी में आने वाले ये डायनासौर शाकाहारी से लेकर शिकारी, और छोटे (लोमड़ी बराबर) से लेकर विशालकाय शरीर वाले थे। लेकिन उस ज़माने में स्तनधारी जीव इतने बड़े नहीं होते थे – प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ऐसा माना जाता था कि उस युग में स्तनधारी अधिक से अधिक गिलहरी जितने बड़े होते थे और वे अपने से विशाल काया वाले और शिकारी डायनासौरों से डरा करते थे, छिप-छिपाकर अपनी जान बचाया करते थे।
इसी दौरान, लगभग 13 करोड़ साल पहले अपने शिकारियों से बचने और प्रजनन के लिए एक छोटा स्तनधारी जीव वर्तमान के दक्षिणी ब्राज़ील (south brazil) के नम रेत के टीलों की ओर पलायन कर गया। लेकिन हाल ही में मिले एक प्राचीन जीव के अश्मीभूत पदचिन्ह इस ओर इशारा करते हैं कि एक स्तनधारी (mammal) आकार में इतना बड़ा हो गया था कि अपने कुछ डायनासौर प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला कर सकता था। अश्मीभूत पैरों के निशानों के दो समूह के आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि यह जीव लगभग कुत्ते की साइज़ का होगा और उस समय का अब तक का ज्ञात सबसे बड़ा स्तनधारी जीव होगा।
पंजों के निशान दक्षिणी ब्राज़ील के बोटुकाटू फॉर्मेशन में वर्ष 2019 की खदान खुदाई में मिले थे। 13 करोड़ साल पहले भी यह इलाका एक विशाल रेगिस्तान का हिस्सा था जो ब्राज़ील और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था। यहां बलुआ पत्थरों पर कई जीवों के अश्मीभूत पंजों के निशान बड़ी संख्या में मिलते हैं, लेकिन यहां कोई भी अश्मीभूत कंकाल (fossilized skeleton) नहीं मिला है। बलुआ पत्थरों पर डायनासौर, छिपकलियों, स्तनधारियों, टेरोसॉर और आर्थ्रोपोड जीवों की पद-छाप मिलती हैं।
मिनास गेरैस स्टेट युनिवर्सिटी के जीवाश्म विज्ञानी पेड्रो विक्टर बक और उनके साथियों ने इन निशानों की तुलना बोटुकाटू में मिले अन्य पंजे के निशानों और शुरुआती क्रेटेशियस काल (crestaceous period) में रहने वाले अन्य स्तनधारियों के पंजे के निशानों से की।
उन्होंने पाया कि अश्मीभूत पंजे की लंबाई (10 सेंटीमीटर) के मुकाबले चौड़ाई (13 सेंटीमीटर) अधिक है और पंजे में चार उंगलियां हैं जिनके सिरे गोलाई लिए हुए हैं। ज़मीन पर इनकी एक-दूसरे के सापेक्ष स्थिति और दूरी बताती है कि जिस जीव के ये पंजों के निशान हैं वो चौपाया रहा होगा। इन विशेषताओं के आधार पर बक का अनुमान है कि ये किसी स्तनधारी जीव के पदचिन्ह (footprints) हैं।
यह तो समझ आ गया कि पंजों के निशान किसी स्तनधारी जीव के हैं, लेकिन सवाल था कि किस जीव के? दिलचस्प बात यह थी कि इन पंजों की लंबाई-चौड़ाई इस इलाके में मिलने वाले किसी भी अन्य स्तनधारी जीव के पंजों से लगभग दुगनी बड़ी थी। तब शोधकर्ताओं ने इसकी तुलना क्रेटेशियस काल के एक अन्य स्तनधारी जीव एडालाथेरियम हुई (Adalatherium hui) की कद-काठी से की। एडालाथेरियम हुई की लंबाई लगभग 52 सेंटीमीटर थी। तुलना के आधार पर बक का अनुमान है कि यह नया खोजा गया जीव 1.55 मीटर लंबा रहा होगा, यानी किसी बड़े कुत्ते या माउंटेन लॉयन जितना बड़ा जो अब तक का ज्ञात उस समय का सबसे बड़ा स्तनधारी है। ये नतीजे जर्नल ऑफ साउथ अमेरिकन अर्थ साइंसेज़ में प्रकाशित हुए हैं।
हालांकि सिर्फ निशानों से यह पक्के तौर पर कहना मुश्किल है कि वे किस जीव के होंगे, लेकिन शोधकर्ताओं का अनुमान है कि ये ट्राइकोनोडोंट्स या क्लैडोथेरियन (triconodont/ cladotherian) के होंगे – ये दोनों समूह शुरुआती स्तनधारी हैं जिनके बारे में पहले माना जाता था कि वे चूहे से लेकर रैकून जितने बड़े होते थे।
यह भी रहस्य ही है कि उस समय ये स्तनधारी अन्य की तुलना में इतने बड़े (huge) कैसे हो गए। एक संभावना यह हो सकती है कि जहां यह पाया गया है उस रेगिस्तान में बहुत कम बड़े डायनासौर विचरते थे, जिससे कुछ स्तनधारियों को बड़ा होने का मौका मिल गया होगा। लेकिन ये महज़ अटकलें हैं, पक्के तौर पर अभी कुछ नहीं कहा सकता।
इससे पहले, वर्ष 2023 में, शोधकर्ताओं को ऐसे जीवाश्मीय सबूत मिले थे जो इशारा करते थे कि कुछ स्तनधारी कभी-कभार छोटे डायनासौर का शिकार कर लिया करते थे। यदि बोटुकाटू में मिला स्तनधारी वाकई इतना ही बड़ा था, तो हो सकता है कि इसने शायद और भी बड़े डायनासौरों (dinosaur) का शिकार किया होगा। (स्रोत फीचर्स)
नोट: स्रोत में छपे लेखों के विचार लेखकों के हैं। एकलव्य का इनसे सहमत होना आवश्यक नहीं है।
Photo Credit: https://dailygalaxy.com/wp-content/uploads/2026/08/This-130-Million-Year-Old-Footprints-in-Brazil-Belongs-to-a-Mammal-Twice-the-Size-of-Any-Ever-Found-From-the-Dinosaur-Age-scaled-1.jpg.webp