तितलियों के रंगीन पंख चकमा देते हैं

तितलियों के प्रति खिंचाव का एक कारण है उनके चटख, रंग-बिरंगे पंख। इसी के कारण उन्हें पकड़ने की इच्छा भी होती है। लेकिन, जिन्होंने तितलियां पकड़ने की कोशिश की है वे जानते हैं कि उड़ती तितली पकड़ना इतना आसान नहीं है। तितलियां पकड़ना न सिर्फ हमारे लिए मुश्किल है, बल्कि उनके सभी शिकारियों के लिए भी मुश्किल है।

लेकिन ऐसा क्यों? जब इतने चटख रंगों के कारण तितलियां इतनी नुमाया रहती हैं तो फिर उन्हें पकड़ना मुश्किल क्यों? नेचर में प्रकाशित हालिया अध्ययन बताता है कि दरअसल यही रंग-बिरंगे पंख शिकारी को चकमा देने का काम करते हैं और उनकी कोशिश मुश्किल बनाते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष कहते हैं कि तितलियों के पंखों पर बने रंगों के पैटर्न उड़ते समय दृष्टि भ्रम पैदा करते हैं, जिससे शिकारी उनकी स्थिति को लेकर धोखा खा जाते हैं और पकड़ने से चूक जाते हैं।

वैसे, वैज्ञानिकों को लंबे समय से यह लगता रहा है कि जीव-जंतुओं के शरीर पर चटख और गहरे रंग से बने पैटर्न ‘मोशन डैज़ल’ (गति चकाचौंध) पैदा करते हैं, जिससे शिकारियों को उनकी सटीक स्थिति के बारे में उलझन होती है। वैज्ञानिकों ने अपनी इस परिकल्पना को कई बार परखा है, लेकिन इस सम्बंध में नतीजे मिले-जुले रहे हैं।

ताज़ा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इसे बारीकी से समझने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने उड़ती हुई तितलियों के हाई-स्पीड वीडियोज़ लिए और उनकी उड़ान की तुलना ऐसी तितलियों की कंप्यूटर सिमुलेशन उड़ान से की, जिनके पंखों पर कोई पैटर्न नहीं थे। विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने पाया कि उड़ते समय, नैसर्गिक रंग-बिरंगे पैटर्न वाली तितलियों के पंखों ने उड़ते समय भ्रम पैदा किए: मसलन, जब कोई तितली ऊपर की ओर उड़ रही थी, तो उसके पंखों की धारियों के कारण ऐसा लगा जैसे वह उड़कर नीचे की ओर जा रही हो।

अध्ययन में युरोप में पाई जाने वाली लगभग 400 तितली प्रजातियों में पैटर्न के विश्लेषण में पाया गया कि पंखों पर पैटर्न जैव विकास की प्रक्रिया में काफी व्यापक रूप से प्रकट हुए हैं। इनमें गहरी और चटख-रंगी धारियां, पट्टे, धब्बे और पूंछ जैसी बनावट दिखती हैं।

एक और प्रयोग में, कुछ प्रतिभागियों से टचस्क्रीन पर आभासी तितलियों को ‘पकड़ने’ की कोशिश करवाई गई। पाया गया कि प्रतिभागियों ने अक्सर तितलियों को उस जगह पकड़ने की कोशिश की जहां से वे गुज़र चुकी थीं। इससे पता चलता है कि उनके पंखों के पैटर्न की वजह से वे अपनी असल गति से धीमे उड़ती जान पड़ती हैं, और हाथ से निकल जाती हैं।

इन नतीजों से यह भी समझने में मदद मिल सकती है कि शिकारी अक्सर पतंगों (जिनके पंखों पर कोई चटख पैटर्न नहीं होते) को अपना निशाना क्यों बनाते हैं। (स्रोत फीचर्स)

इस सम्बंध में एक वीडियो की लिंक: https://www.nature.com/articles/d41586-026-03301-x?utm_source=Live+Audience&utm_campaign=188bcb07b7-nature-briefing-daily-20261014&utm_medium=email&utm_term=0_-33f35e09ea-49744108

Photo credit- https://www.bbc.com/news/uk-england-devon-35427539

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